Other News

Prem ki Biradari, Parsai

Prem ki Biradari, Parsai

It’s heartwarming to listen to stories. Bed time stories, moral stories, dramatic, fiction, fantasy, memoirs, travels and satires. Wherever you look, there is a story. Even poetry is a form of story and so are the captions and headlines. As we are bombarded by stories all around. At times, it’s […]

by January 5, 2021 Fiction
नवजीवन

नवजीवन

मेरे शब्द मेरे साथ पर अनुपमा सरकार की कविता “नवजीवन” At advent of 2021, Anupama Sarkar welcomes the New Year with an ode to humanity and new life in her poem Navjeevan नन्हीं सी बारिश की बूँद में उफनता समन्दर देखा है कभी ? मिट्टी सने बीज की कोख में […]

by January 3, 2021 Hindi Poetry, Recital

Chhalaang, Movie

कुछ फिल्में अपने डायलॉग से जानी जाती हैं तो कुछ के डायलॉग ही मूवी की कहानी बयां कर देते हैं… “चौड़ भी न औकात देखकर रखनी चाहिए… 70 का बन्दा, 150 किलो की रखेगा तो बोझ से दबेगा ही” 🙄🙄 अजब सी है न लाइन और अब इसे इमेजिन कीजिए […]

by November 22, 2020 Review

Ludo, Movie

लाइफ और लूडो बिल्कुल एक जैसे हैं… हर गोटी का अपना ही रास्ता और उस पर आने वाली मुश्किलें और फ़ायदे भी उसके बेहद निजी… और फिर खेल तब तक ख़त्म नहीं, जब तक हर गोटी घर न पहुंच जाए… जी, एकदम नया कॉन्सेप्ट, बिल्कुल नई कहानी और काफ़ी मज़ेदार […]

by November 22, 2020 Review
मीनमेख निकालना

मीनमेख निकालना

कभी कभी कुछ ऐसे शब्द/ मुहावरे टकरा जाते हैं कि आप विस्मित हो उठते हैं कि कितनी ही बार उपयोग करने के बावजूद हम उनका अर्थ नहीं समझ पाए। आज मुझे भी ऐसा ही एक झटका लगा, हरिवंशराय बच्चन की “क्या भूलूं क्या याद करूं” पढ़ते हुए। ज़रा नीचे के […]

by September 19, 2020 Articles
अन्तिम प्यार, रवीन्द्रनाथ टैगोर

अन्तिम प्यार, रवीन्द्रनाथ टैगोर

कला के लिए किस पायदान तक उतरा जा सकता है? क्या निजी भावनाओं का कोई मोल होता भी है किसी कलाकार के लिए? या केवल प्रसिद्धि और येन केन प्रकारेण हर सही गलत, सुख दुख, संवेदना, वेदना को ताक़ पर रखा जा सकता है? शायद आपको लगे कि किसी हालिया […]

by September 18, 2020 Review
हिंदी या हिन्दी

हिंदी या हिन्दी

भाषा तरल है, भाव और समय के साथ रूपांतरित हो जाना इसकी विशेषता है। पर नियम जानना, व्याकरण और वर्तनी का सही प्रयोग समझना, किसी भी भाषा में अगर आप दक्षता प्राप्त करना चाहते हैं तो अति आवश्यक। मेरी फ्रैंड लिस्ट में बहुत से हिन्दी के ज्ञाता हैं, लेखक, कवि, […]

by September 14, 2020 Articles
बाल भगवान, स्वदेश दीपक

बाल भगवान, स्वदेश दीपक

क्रूरता का नंगा नाच देखना हो तो इंसान के सामने लालच की एक बोटी लटका दीजिए, वह सारी मानवता भूल कर, बड़े से बड़े पाप को करते हुए असीम प्रसन्नता और संतोष अनुभव करेगा। और किसी भुलावे में मत रहिएगा, यह लालच अक्सर आपसी रिश्तों पर ही सबसे ज़्यादा हावी […]

by August 19, 2020 Review