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जुस्तजू

जुस्तजू

उफक छूने की अब हसरत न रही टूटते तारों में वजूद ढूंढता है कोई? फलक पर चांद की जुस्तजू न रही नाज़ुक जुगनुओं से खेलता है कोई? हाथों से फिसलती रेत सा वक्त चाहकर भी रोक पाया है कोई?अनुपमा सरकार

by October 30, 2019 Hindi Poetry
G. K. Chesterton

G. K. Chesterton

G. K. Chesterton, a prolific writer, a self-confessed social and literary critic and a rare genius with golden tongue and silver dipped words. Well, a man who can wield his pen in such myriad ways as a journalist, as a religious preacher, as a moral upholder and yet cook up […]

by October 29, 2019 Pearls of Wisdom
Destiny and Destination

Destiny and Destination

At times I feel I am fighting a lost battle. Anything I do, say or attempt, makes no difference. I am stuck in a rut, the more I try the more I get trapped. And yet, there is a small voice inside that keeps rearing its Head, goading me to […]

by October 28, 2019 Articles
सनम

सनम

हौले से मैना मुस्काई कोयल भी ज़रा सी शर्माई तितली भंवरे फूलों से कहें आ फागुन के गीत हम मिलके बुनें आमों की कच्ची कलियां चुनें सेमल की पत्तियों को हम गिनें वो उड़ती चीलें अलबेली वो डरती सहमी गिलहरी हाथों में हाथ जो थाम लें हम छोड़ें न साथ […]

by October 28, 2019 Hindi Poetry
Mindhunter, Season 1, Netflix Original

Mindhunter, Season 1, Netflix Original

Mindhunter is a Netflix Original Series, concentrating on the Behavioral Science Unit of FBI. Agent Ford and Agent Trench, who are responsible for making the FBI Agents familiar with the psychological aspect of crime and criminals, end up realizing that they are not really familiar with modern day criminals, leave […]

by September 18, 2019 Review
जारी है लड़ाई, संतोष पटेल

जारी है लड़ाई, संतोष पटेल

“जारी है लड़ाई”, संतोष पटेल जी का प्रथम हिंदी कविता संग्रह, आज हिंदी दिवस के अवसर पर उनके कर कमलों से प्राप्त हुआ… घर पहुंचते ही पढ़ने बैठ गई… कुल मिलाकर 58 कविताएं हैं, पर भाव हों या शब्द संयोजन, विविधता की कहीं कमी नहीं… अधिकतर कविताएं बहुजन समाज की […]

by September 14, 2019 Review
एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा, नेटफ्लिक्स पर अभी अभी देखी.. विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म और राजकुमार राव की मौजूदगी, देखे बिना कैसे रहती.. पर मूवी बहुत ही स्लो है, और अलग होने की कोशिश में ओवर ड्रामैटिक भी.. ये नहीं कहूंगी कि सब्जेक्ट अच्छा नहीं था.. है, […]

by August 28, 2019 Review
आर्टिकल 15

आर्टिकल 15

बहुत कम होता है कि मूवी देखूं और कुछ कहने लिखने को मन न मचले.. क्या अच्छा लगा क्या बेकार, किसकी एक्टिंग अच्छी थी, स्क्रिप्ट कैसी थी, सेटिंग और किरदारों की जुगलबंदी काम की थी या नहीं, वगैरह वगैरह.. पर आज एक ऐसी फिल्म देखी, जिसके बाद मैं चुप हूं, […]

by August 26, 2019 Articles