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दीवानी

सुनिए मेरी कविता दीवानी, मेरे शब्द मेरे साथ पर ये सरसराती सर्द हवा जब करीब से गुज़रती है जाने क्यों अपनी सी लगती है न बहने का खौफ इसे न थमने से डरती है ऊपर नीचे आगे पीछे पंख फैलाए आंखें मीचे उन्मुक्त गगन में इठलाती है सबसे जुड़ती सबसे […]

by April 9, 2020 Hindi Poetry, Recital
लघुकथा

लघुकथा

लघुकथा एक ऐसी साहित्यिक विधा जिसमें कम से कम शब्दों में पाठक को हतप्रभ कर देना होता है। मंटो की दो पंक्तियों की ये लघुकथा पढ़कर देखिए उलाहना: “देखो यार। तुमने ब्लैक मार्केट के दाम भी लिए और ऐसा रद्दी पेट्रोल दिया कि एक दुकान भी न जली” अब ऐसी […]

by April 8, 2020 Articles
ज़रूरी है

ज़रूरी है

कभी पुरजोर आवाज़ में कहती थी कि ख़बरें देखने सुनने से परहेज़ है मुझे… नकारात्मकता फैलाती हैं… पर अब इस वक़्त, जब नेगेटिविटी, बीमारी और उस से कहीं ज़्यादा मनुष्य की ढकी छुपी स्वार्थी बर्बरता, मुखर हो चली है… मुझे लगता है कि ख़बरें पढ़ना और वर्तमान स्थिति का संज्ञान […]

by April 8, 2020 Articles
यह कदंब का पेड़

यह कदंब का पेड़

यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली। किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली॥ तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता। उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर […]

by April 8, 2020 Articles, Poetry
मेरी दिल्ली

कोरोना, जनता कर्फ़्यू

कुछ भी कहिए, मास्टर स्ट्रोक तो रहा ये जनता कर्फ्यू… हमारे देश में, जहां लोग हर रूल की धज्जियां उड़ाना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं… करोड़ों को उनके ही घर की सीमा में बांध देना, आसान नहीं… एक दिन का कहकर घर में बिठाकर, बड़े प्यार से रिहर्सल करवा दिया… […]

by March 23, 2020 Articles
ओलावृष्टि

ओलावृष्टि

1 घंटे तक बारिश और बीच बीच में ओले गिरे… धरती को सफ़ेद होते देखने का रोमांच ही अलग है… पर इस बेमौसम की बारिश पर मन झूमता नहीं… नाज़ुक पितुनिया खिले थे… सब टूट गए… अभी मेड अफ़सोस जता रही थी, “दीदी इत्ते सारे गमले के पीछे से उठा […]

by March 15, 2020 Articles
Section 375, Movie

Section 375, Movie

Section 375, कानून की वह धारा, जिसे लेकर हमारा समाज जाने कितनी बार कोर्ट रूम से लेकर मीडिया तक, खबरों में रहता है… बलात्कार, एक ऐसा कड़वा खौफ़नाक सच, जिसमें विक्टिम के साथ न्याय होने में सालों खर्च होते हैं और तब भी अक्सर जजमेंट और ट्रायल के दौरान केस […]

by March 15, 2020 Review
रंग

रंग

आज ऑफिस से पैदल ही घर आयी… बहुत सालों में शायद पहली बार छोटी होली पर भी अकेले निकलने और पैदल चलने की हिम्मत जुटाई थी… हालांकि आधे रास्ते आते आते, अपना फैसला गलत लगने लगा… एक कॉलेज आता है रास्ते में और पार्क भी… दोनों ही जगह लड़कों के […]

by March 9, 2020 Articles