Fiction

निर्मल वर्मा, धूप का एक टुकड़ा

निर्मल वर्मा, धूप का एक टुकड़ा

केवल एक पात्र को लेकर कहानी कैसे लिखें, जानिए अनुपमा सरकार के साथ… आज की कहानी है, निर्मल वर्मा की धूप का एक टुकड़ा… इसमें सिर्फ एक ही कैरेक्टर है, कम से कम दिखती बोलती एक ही औरत है… मोनोलोग, एकालाप को अक्सर थियेटर में, नाटकों में प्रयोग किया जाता […]

by May 23, 2020 Fiction, Recital
भीष्म साहनी, अमृतसर आ गया है

भीष्म साहनी, अमृतसर आ गया है

कहानी कैसे लिखें, जानिए अनुपमा सरकार के साथ किसी भी कहानी में किरदार बहुत अहम होते हैं। वही जान डालते हैं कथानक में। उनके हाव भाव, वेश भूषा, संवाद व भाषा ही माध्यम बनती है, पाठक और लेखक के बीच। एक चतुर लेखक वही जो चरित्र यूं गढ़ दे कि […]

by May 21, 2020 Fiction, Recital
मेरी दिल्ली

समाजवाद, ज़रा हटके

जाते हुए बैट्री रिक्शा गलत लेन में था, कार वाले ने डांट पिलाई, गाड़ी क्यों बीच में अटका रखी है… रिक्शे वाला खुद में सिमट गया… आते हुए एक कार वाले ने फोन पर बात करने के चक्कर में गाड़ी गलत जगह खड़ी करके रास्ता रोक रखा था, अबकि बैटरी […]

by November 9, 2019 Articles, Fiction
मेरा चांद

मेरा चांद

“आज तारे नहीं आसमां में!” “हैं तो” “कहां, मुझे तो नहीं दिख रहे” “बादलों के आगोश में छिपे हैं” वो पलटकर देखती तो उसकी आंखों की चमक के सामने सितारों का जहां फीका नज़र आता.. पर लड़की की नज़र तो स्याह आसमां में उलझी थी.. कुछ पल ठहर बोली “चांद […]

by July 2, 2019 Fiction
चाह, अध्याय 3

चाह, अध्याय 3

अपने नाम से प्रोफ़ाइल बनाने में खतरा था। उसने किसी छद्म नाम से आईडी बनाने की सोची, पर जब दिमाग में गंद खेल दिखा रहा हो तो इंसान सोच भी कितना पाए? उसने सिर खुजलाते हुए ज़रा और ज़ोर डाला.. और अचानक से रोहन का चेहरा उसकी नज़रों के सामने […]

by June 2, 2019 Fiction
चाह, अध्याय 2

चाह, अध्याय 2

चाह, अध्याय 2 एक रात विनय यूं ही नेट पर सर्च कर रहा था, सामने कुछ लव कोट्स आए, पढ़े, अच्छे लगे.. वो और खोजने लगा.. प्रेम कविताएं दिखीं, सोशल साइट्स पर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, सब ओर, शब्द ही शब्द। प्रेम के अहसास में डूबे, कहीं सूफियाना तो कहीं रूमानी। वो […]

by June 2, 2019 Fiction
Princess Margaret with Tony

चाह, अध्याय 1

एक छोटी सी कहानी लिखनी शुरु की है, देखिए कहां तक जाती है 🙂 एक आम आदमी के अंदर के घटियापन को बाहर लाती ये कहानी, आपको भी किसी न किसी का ध्यान तो दिलाएगी.. अगर आपको पसंद आए और कुछ कहना चाहें तो बताइएगा ज़रूर.. आपके सुझाव मेरे लिए […]

by June 2, 2019 Fiction
कल रात

कल रात

कल रात आंगन में चक्कर लगा रही थी। खरबूजे सा चांद अशोक के ठीक पीछे से झांक रहा था जैसे मुझे न्योता दे रहा हो, आसमान में आने का, धीमे-धीमे बादलों की सीढ़ियों पर पांव रख गुरु को कनखियों से देख, उसकी समझ-बूझ को खुद में बसाने का। कैसा धुला-धुला […]

by May 19, 2019 Fiction, Fursat ke Pal