Review

मेरी दिल्ली

Music Teacher, Movie Review

Music Teacher, मैंने न देखी होती अगर Ajeeb Daastaans न देखती! नेटफ्लिक्स अक्सर आपको बांधने के चक्कर में एक ही जॉनर और एक्टर की मूवी रिकमेंड करता चलता है और इसी क्रम में मैं फिर से टकरा गई मानव कौल से! जी, यह मूवी पूरी तरह उन्हीं की है, उनके […]

by June 15, 2021 Review
Ajeeb Daastaans, Hindi Movie

Ajeeb Daastaans, Hindi Movie

बिना एक शब्द बोले, आंखों से सब कह देना, ऐसी एक्टिंग देखे अरसा बीता… Ajeeb Daastaans नाम के अनुरूप ही है, एकदम अजीब, पर फिर भी कुछ था जिसने बांधे रखा… वरना सबसे अच्छी कहानी मिस कर बैठती ‘अनकही ‘ मानव और शेफाली की कहानी, बातों को आंखों से, चेहरे […]

by June 4, 2021 Review

Is Love Enough Sir, Movie Review

Is Love Enough/ Sir एक और मूवी जो हटकर है, बॉलीवुड की मसाला भीड़ से, अंधाधुंध दौड़ से, चींखते शोर से! पर देखते हुए सोचती रही, सचमुच अलग है क्या? मुझे तो नेपथ्य में उत्पल दत्त की आवाज़ गूंजती सी महसूस हुई “अवनीश बेटा! हम ने रत्ना को तुम्हारे लिए […]

by May 31, 2021 Review
Sons and Lovers, D H Lawrence

Sons and Lovers, D H Lawrence

Sons and Lovers, I read this book almost two years ago. But didn’t write anything about it, a rarity with me, as the book had left me with mixed emotions. I wondered how could I like and dislike something in equal proportions? The Morel family, completely dysfunctional, with a dominant […]

by January 14, 2021 Review

Chhalaang, Movie

कुछ फिल्में अपने डायलॉग से जानी जाती हैं तो कुछ के डायलॉग ही मूवी की कहानी बयां कर देते हैं… “चौड़ भी न औकात देखकर रखनी चाहिए… 70 का बन्दा, 150 किलो की रखेगा तो बोझ से दबेगा ही” 🙄🙄 अजब सी है न लाइन और अब इसे इमेजिन कीजिए […]

by November 22, 2020 Review

Ludo, Movie

लाइफ और लूडो बिल्कुल एक जैसे हैं… हर गोटी का अपना ही रास्ता और उस पर आने वाली मुश्किलें और फ़ायदे भी उसके बेहद निजी… और फिर खेल तब तक ख़त्म नहीं, जब तक हर गोटी घर न पहुंच जाए… जी, एकदम नया कॉन्सेप्ट, बिल्कुल नई कहानी और काफ़ी मज़ेदार […]

by November 22, 2020 Review
अन्तिम प्यार, रवीन्द्रनाथ टैगोर

अन्तिम प्यार, रवीन्द्रनाथ टैगोर

कला के लिए किस पायदान तक उतरा जा सकता है? क्या निजी भावनाओं का कोई मोल होता भी है किसी कलाकार के लिए? या केवल प्रसिद्धि और येन केन प्रकारेण हर सही गलत, सुख दुख, संवेदना, वेदना को ताक़ पर रखा जा सकता है? शायद आपको लगे कि किसी हालिया […]

by September 18, 2020 Review
बाल भगवान, स्वदेश दीपक

बाल भगवान, स्वदेश दीपक

क्रूरता का नंगा नाच देखना हो तो इंसान के सामने लालच की एक बोटी लटका दीजिए, वह सारी मानवता भूल कर, बड़े से बड़े पाप को करते हुए असीम प्रसन्नता और संतोष अनुभव करेगा। और किसी भुलावे में मत रहिएगा, यह लालच अक्सर आपसी रिश्तों पर ही सबसे ज़्यादा हावी […]

by August 19, 2020 Review