Review

पाताल लोक

पाताल लोक

अपने सबसे करीबी रिश्ते से क्या चाहते हैं आप? प्यार, अपनापन, आपसी समझ, बिना शर्त आप जैसे हैं, वैसा स्वीकार कर लिया जाना? शायद, इतनी सी ही आशा है सम्बन्धों से क्योंकि समाज से आप को ये सब मिलना असम्भव है। वहां तो मान मर्यादा के नाम पर बेड़ियां, ऊंच […]

by July 22, 2020 Review
मेरी दिल्ली

परिंदे, निर्मल वर्मा

कहानियों का जादू सर चढ़कर कैसे बोलता है, जानना हो तो निर्मल वर्मा की “परिंदे” से बेहतर कुछ नहीं… मैं तो चीड़ के पत्तों की चरमराहट और बिंदी से जलते सिगार की आँच में बर्फीली हवाओं सी मिस लतिका और बेफिक्र डॉक्टर मुकर्जी के सूखे ठहाकों में ऐसी खोयी कि […]

by July 16, 2020 Review
आश्रम, धर्मवीर भारती

आश्रम, धर्मवीर भारती

सुख दुख, पूर्ण अपूर्ण, खाली भरा… क्या हैं ये शब्द, विलोम? न, शायद तस्वीर का दूसरा रुख, जो उतना ही अलग जितना एक सा… कभी कभी किसी कहानी में यूं ही डूब जाती हूं, मानो बस मेरे ही लिए लिखी थी लेखक ने… और शायद इसका ठीक उल्टा भी एकदम […]

by June 23, 2020 Review
Section 375, Movie

Section 375, Movie

Section 375, कानून की वह धारा, जिसे लेकर हमारा समाज जाने कितनी बार कोर्ट रूम से लेकर मीडिया तक, खबरों में रहता है… बलात्कार, एक ऐसा कड़वा खौफ़नाक सच, जिसमें विक्टिम के साथ न्याय होने में सालों खर्च होते हैं और तब भी अक्सर जजमेंट और ट्रायल के दौरान केस […]

by March 15, 2020 Review
उजड़ा चमन

उजड़ा चमन

“ज़माना दिलों की बात करता है, पर मुहब्बत आज भी चेहरों से शुरु होती है” “उजड़ा चमन” का ये डायलॉग सुनने में शायद घिसा पिटा लगे पर सच्चा है… गंजे हीरो और मोटी हीरोइन को लेकर बनी ये फिल्म शायद सिर्फ cliche लगे… पर ये कहानी सच्ची लगती है, कहीं […]

by December 28, 2019 Articles, Review
Mindhunter, Season 1, Netflix Original

Mindhunter, Season 1, Netflix Original

Mindhunter is a Netflix Original Series, concentrating on the Behavioral Science Unit of FBI. Agent Ford and Agent Trench, who are responsible for making the FBI Agents familiar with the psychological aspect of crime and criminals, end up realizing that they are not really familiar with modern day criminals, leave […]

by September 18, 2019 Review
जारी है लड़ाई, संतोष पटेल

जारी है लड़ाई, संतोष पटेल

“जारी है लड़ाई”, संतोष पटेल जी का प्रथम हिंदी कविता संग्रह, आज हिंदी दिवस के अवसर पर उनके कर कमलों से प्राप्त हुआ… घर पहुंचते ही पढ़ने बैठ गई… कुल मिलाकर 58 कविताएं हैं, पर भाव हों या शब्द संयोजन, विविधता की कहीं कमी नहीं… अधिकतर कविताएं बहुजन समाज की […]

by September 14, 2019 Review
एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा, नेटफ्लिक्स पर अभी अभी देखी.. विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म और राजकुमार राव की मौजूदगी, देखे बिना कैसे रहती.. पर मूवी बहुत ही स्लो है, और अलग होने की कोशिश में ओवर ड्रामैटिक भी.. ये नहीं कहूंगी कि सब्जेक्ट अच्छा नहीं था.. है, […]

by August 28, 2019 Review