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संझा बाती, पारुल तोमर

संझा बाती, पारुल तोमर

कविताएं सुर लहरी सरीखी होती हैं… एक बार मन रम जाए तो रुकने को जी ही न चाहे… तिस पर शब्द संयोजन और विषय विन्यास अनूठे हों तो समय का ध्यान रहे भी कैसे! जी, मैं बात कर रही हूं, डॉ पारुल तोमर के पहले कविता संग्रह संझा बाती की… […]

by February 6, 2019 Review
Sophie Says, Judy Balan

Sophie Says, Judy Balan

2019 has begun on a good note. Sophie Says by Judy Balan, turned out to be an excellent first read of the year. I downloaded the book on Kindle, on a whim. To tell you the truth, the tagline, Memoirs of a Breakup Coach, tilted the scales in favor of […]

by January 11, 2019 Review
परिणीता

परिणीता

शरत चंद्र की परिणीता पढ़ते हुए लगा कि शायद पहली बार पढ़ रही हूं, बस प्रदीप सरकार की फिल्म का प्रभाव है जो कहानी जानी पहचानी लग रही है.. हर मोड़ पर लगा कि फिल्म कहीं बेहतर बनी थी, किताब में वो बात नहीं.. प्रभात प्रकाशन का हिंदी अनुवाद चुना […]

by December 10, 2018 Review
Manto Movie Review

Manto Movie Review

कैसा महसूस होता है, जब आपने किसी के बारे में पहली नज़र में ही जो राय बनाई हो, वो बिल्कुल सटीक निकले? आप कहेंगे, यकीनन अच्छा ही लगेगा, थोड़ा सा इतरा भी सकते हैं अपनी दृष्टि और समझबूझ पर.. आखिर आसान कहां किसी को परखना! अजी नहीं, गलत सोच रहे […]

by December 6, 2018 Review
Bareilly ki Barfi, Movie, Review

Bareilly ki Barfi, Movie, Review

आयुष्मान खुराना होंगें पंजाबी, पर उनके यूपी वाले एक्सेंट की जितनी तारीफ की जाए, कम है.. “दम लगा के हाईशा” हो या “बरेली की बर्फी”.. बेट्टा जी, सुन्न ल्यो, हमाई तुमाई जैसे ठेठ शब्दों को ठसक से बोलते और फक्कड़ अंदाज़ में शाही ज़िंदगी का दम भरते, आयुष्मान छोटे शहर […]

by September 14, 2018 Review
Once Again, Movie, Review

Once Again, Movie, Review

फोन पर देर तक बातें करना, अपने भीतर छुपे डर और एहसासों को एक दूसरे से बांटना, बिना किसी रोक टोक या पूर्वाग्रह के जो दिलोदिमाग में चल रहा हो, कह देना… शायद ये बेबाकी, बहुत मुश्किल से मिलती है रिश्तों में, पर मिल जाए, तो जहां मुकम्मल लगने लगता […]

by September 3, 2018 Review
Qarib Qarib Singlle, Movie, Review

Qarib Qarib Singlle, Movie, Review

कुछ मूवीज़ अपने नाम को पूरी तरह चरितार्थ करती हैं.. कल ही देखी करीब करीब सिंगल, इरफान खान और पार्वती मेन कास्ट और एक छोटा सा रोल नेहा धुपिया का.. जब फिल्म देखनी शुरू की, तो लगा शायद काफी हटकर है.. जया (पार्वती) एक प्रोफेशनल इंडिपेंडेंट वुमन हैं, और कुछ […]

by September 2, 2018 Review
Ghoul, Netflix, Review

Ghoul, Netflix, Review

Ghoul on Netflix caught my attention after I saw my brother watching it. The name sounded  familiar, though initially I thought it meant Pret, but later remembered that it’s actually Pishaach, a blood sucking figure, often alluded to in mythology. So finally there is a Netflix original series on a […]

by August 26, 2018 Articles, Review