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तलाक़

तलाक़

हमारे समाज में पिछले कुछ समय में तलाक़ की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। पर क्या इस बढ़ोतरी का ठीकरा हमें पाश्चात्य संस्कृति पर थोप देना चाहिए या फिर अपने ही समाज में कहीं कुछ ऐसा है, जिस पर ध्यान देने की ज़रूरत है? आजकल तलाक़ होते हैं […]

by June 22, 2019 Articles
गिरीश कर्नाड, श्रद्धांजलि

गिरीश कर्नाड, श्रद्धांजलि

लगभग 18 साल पहले एक नाटक पढ़ा था “तुगलक”.. एम ए इंग्लिश कोर्स का हिस्सा था.. पोस्ट ग्रेजुएशन कर ही इसलिए रही थी ताकि इस विज्ञान के विद्यार्थी रहे दिमाग का साहित्य से परिचय हो पाए.. कमला दास, nissim ezekiel, मुल्क राज आंनद और गिरीश कर्नाड.. मेरे लिए ये सब […]

by June 10, 2019 Articles

बस मेट्रो सफ़र मुफ़्त

दिल्ली सरकार का एक प्रस्ताव है, बस और मेट्रो में स्त्रियों के लिए मुफ़्त यात्रा का.. इसी विषय में मेरे कुछ विचार “एक लंबे समय से राखी और भाई दूज पर डीटीसी बसों में स्त्रियों के लिए मुफ्त यात्रा का प्रावधान रहा है.. इसका फ़ायदा यकीन मानिए कि उन्हीं औरतों […]

by June 4, 2019 Articles
चर्नोबिल, पहली नज़र में

चर्नोबिल, पहली नज़र में

1986, रूस का एक शहर, चर्नोबिल, न्यूक्लियर रिएक्टर में विस्फोट.. रंग बिरंगी लपटें.. ब्रिज के दूसरी ओर खड़े होकर, चमकती राख का लुत्फ़ उठाते लोग.. बिना ये जाने बूझे कि रंग रेडिएशन की वजह से है.. वो रेडिएशन जो इतना घातक है कि दो ही दिन में उनकी चमड़ी पिघलाकर, […]

by May 29, 2019 Articles
सूरत में हादसा

सूरत में हादसा

सूरत में हुआ हादसा, फिर फिर, ध्यान दिलाता है कि हम अपनी ही जान को लेकर कितने लापरवाह हैं.. चौथी मंज़िल पर जाने के लिए लकड़ी की सीढ़ियां.. सबसे ऊपर एक्स्ट्रा टायर्स का रखा जाना.. और बाहर निकलने का कोई दूसरा सुरक्षित रास्ता न होना.. कितनी बार यही गलतियां दोहराई […]

by May 25, 2019 Articles
अजब दौर

अजब दौर

पीली साड़ी वाली और नीली ड्रेस वाली.. फोटोज़, विडियोज़, न्यूज़, इंटरव्यूज़.. किसी भुलावे में मत रहिएगा.. यहां पोशाकों के नाम से पुकारे जाने वाली महिलाएं, किसी फिल्म की हीरोइन या रैंप वॉक करती मॉडल्स नहीं हैं.. बल्कि आपकी और मेरी तरह अपनी ड्यूटी करती हुई आम घरों की आम औरतें […]

by May 15, 2019 Articles
पुरुष

पुरुष

अभी अभी एक खबर पढ़ी कि एक पति ने अपनी पत्नी की उंगलियां इसलिए काट डालीं क्योंकि वो आगे पढ़ना चाहती थी.. खून उबल आया, कैसे घटिया लोग हैं इस ज़माने में.. और फिर याद आया, कुछ साल पुराना एक वाकया.. किसी ने चुपके चुपके बतलाया था.. वो अक्सर किसी […]

by May 8, 2019 Articles
टैगोर

टैगोर

प्रिय कवि/लेखक/कलाविद टैगोर का जन्मदिवस हो और पाठकों की वॉल उनकी कविताओं से न सजी हो, ऐसा सम्भव ही कहां… पर मुझे तो रबि दा की स्केचिंग उनके शब्दों से भी कहीं ज़्यादा भाती है… भाव संप्रेषण शब्दों पर निर्भर कहां.. मन में उठती तरंगें, अक्सर रंगों और सुरों में […]

by May 7, 2019 Articles