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पुरुष

पुरुष

अभी अभी एक खबर पढ़ी कि एक पति ने अपनी पत्नी की उंगलियां इसलिए काट डालीं क्योंकि वो आगे पढ़ना चाहती थी.. खून उबल आया, कैसे घटिया लोग हैं इस ज़माने में.. और फिर याद आया, कुछ साल पुराना एक वाकया.. किसी ने चुपके चुपके बतलाया था.. वो अक्सर किसी […]

by May 8, 2019 Articles
टैगोर

टैगोर

प्रिय कवि/लेखक/कलाविद टैगोर का जन्मदिवस हो और पाठकों की वॉल उनकी कविताओं से न सजी हो, ऐसा सम्भव ही कहां… पर मुझे तो रबि दा की स्केचिंग उनके शब्दों से भी कहीं ज़्यादा भाती है… भाव संप्रेषण शब्दों पर निर्भर कहां.. मन में उठती तरंगें, अक्सर रंगों और सुरों में […]

by May 7, 2019 Articles
सोवियत नारी

सोवियत नारी

आप में से किसी को “सोवियत नारी” याद है? बढ़िया क्वालिटी का पेपर, रंग बिरंगी तस्वीरें और जाने कितने ही लेख और कहानियां.. 80 के दशक में घर घर पहुंची थी ये पत्रिका.. रूस और भारत की दोस्ती के दिन थे वो.. मीखेल गोर्बाचोव इंडिया आए थे, राजीव गांधी के […]

by May 4, 2019 Articles
प्रेम विवाह

प्रेम विवाह

प्रेम पर मित्र की कविता पढ़ी.. और देर तक सोचती रही कि सही ग़लत, आगे पीछे, परिस्थितियों और परिणामों को सोचकर प्रेम होता है क्या.. और अगर नहीं तो क्या इनसे प्रभावित भी नहीं होता? छोटा सा शब्द है प्रेम.. पर जितना इस पर लिखने कहने का प्रयास हुआ, शायद […]

by May 2, 2019 Articles
खुलकर जीना ज़रूरी है

खुलकर जीना ज़रूरी है

कुछ वक़्त पहले एक मूवी आयी थी “पीकू”.. मुझे याद है मेरी एक कलीग ने मुंह बनाते हुए कहा था, “हाय हाय, बड़ी गंदी मूवी है, पैसे बेकार हो गए” .. मैं हॉल में मूवी देखने नहीं जाती, सो तब नहीं देखी थी, पर ट्रेलर देखकर, जिज्ञासा हुई थी कि […]

by April 17, 2019 Articles
ब्रह्म कमल, कृष्ण कमल

ब्रह्म कमल, कृष्ण कमल

इस पौधे को अक्सर Braham Kamal कहा जाता है, पर दरअसल यह एक कैक्टस ऑर्चिड है.. रात में खुशबू वाले फूल, अक्सर मानसून के आसपास खिलते हैं.. साइंटिफिक नाम Epiphyllum Oxypetalum और दूसरा पॉपुलर नाम गुल बकावली है.. जबकि ब्रह्म कमल, उत्तराखंड का राज्य फूल है.. कमल कहने के बावजूद […]

by April 7, 2019 Articles
Stephen Hawking

Stephen Hawking

Remembering Stephen Hawking on his Death Anniversary.. wrote this a year ago on Facebook.. how quickly time flies… “14th March, a date to be remembered by Science Buffs for centuries.. sadly though as I was updating this status to call for celebrating Albert Einstein’s birthday, I came to know that […]

by March 14, 2019 Articles
कर्मठता

कर्मठता

बारिश से प्रेम रहा हमेशा.. हां, कीचड़ और अस्त व्यस्त ट्रैफिक से चिढ़ उठती.. सूरज का चमकना प्यारा लगता… और उस गरम आग के गोले का शाम होते होते, लाल गेंद बन ढूलकना भी मोहता रहा.. पर अब कुछ वक़्त से प्रकृति की खूबसूरती के साथ साथ, मानव मन की […]

by March 4, 2019 Articles