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आर्टिकल 15

आर्टिकल 15

बहुत कम होता है कि मूवी देखूं और कुछ कहने लिखने को मन न मचले.. क्या अच्छा लगा क्या बेकार, किसकी एक्टिंग अच्छी थी, स्क्रिप्ट कैसी थी, सेटिंग और किरदारों की जुगलबंदी काम की थी या नहीं, वगैरह वगैरह.. पर आज एक ऐसी फिल्म देखी, जिसके बाद मैं चुप हूं, […]

by August 26, 2019 Articles

इंसान या मशीन

हम सब अपनी अपनी परिधि में सिमटे हुए ज़िंदगी को देखा समझा करते हैं.. कभी हालात ज़रा सा बदलें तो हालत ख़राब होने लगती है.. बड़ा मुश्किल हो जाता है, किसी और के नज़रिए से देख पाना, समझ पाना हालांकि हमें मौके भरपूर मिला करते हैं.. इतवार को 12 घंटे […]

by August 19, 2019 Articles
Love is Hell

Love is Hell

हमारी कंट्री में दो लोगों के साथ होने के फैसले से इतने लोग व्यथित, पतित, ग्रसित हो जाते हैं, कि नो वंडर, तीन चौथाई आबादी, चुपचाप परिवार की मर्ज़ी से शादी करके, ताउम्र, दूसरों की ज़िंदगी में एक्साइटमेंट तलाशती फिरती है.. किसका किस से चक्कर, किसका किस से झगड़ा, किसने […]

by July 13, 2019 Articles
किंडल बुक्स

किंडल बुक्स

बचपन से ही चाव रहा पढ़ने का.. मम्मी की लाई कॉमिक्स हों, नन्दन, चंपक, सुमन सौरभ हो या कादम्बिनी और सोवियत नारी.. हर बार कुछ नया ढूंढ लेता था मन और मैं भाव विभोर हो उन कहानियों को अपने दोस्तों को जस का तस सुनाने बैठ जाती.. तब किसने लिखी, […]

by July 11, 2019 Articles
तलाक़

तलाक़

हमारे समाज में पिछले कुछ समय में तलाक़ की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। पर क्या इस बढ़ोतरी का ठीकरा हमें पाश्चात्य संस्कृति पर थोप देना चाहिए या फिर अपने ही समाज में कहीं कुछ ऐसा है, जिस पर ध्यान देने की ज़रूरत है? आजकल तलाक़ होते हैं […]

by June 22, 2019 Articles
गिरीश कर्नाड, श्रद्धांजलि

गिरीश कर्नाड, श्रद्धांजलि

लगभग 18 साल पहले एक नाटक पढ़ा था “तुगलक”.. एम ए इंग्लिश कोर्स का हिस्सा था.. पोस्ट ग्रेजुएशन कर ही इसलिए रही थी ताकि इस विज्ञान के विद्यार्थी रहे दिमाग का साहित्य से परिचय हो पाए.. कमला दास, nissim ezekiel, मुल्क राज आंनद और गिरीश कर्नाड.. मेरे लिए ये सब […]

by June 10, 2019 Articles

बस मेट्रो सफ़र मुफ़्त

दिल्ली सरकार का एक प्रस्ताव है, बस और मेट्रो में स्त्रियों के लिए मुफ़्त यात्रा का.. इसी विषय में मेरे कुछ विचार “एक लंबे समय से राखी और भाई दूज पर डीटीसी बसों में स्त्रियों के लिए मुफ्त यात्रा का प्रावधान रहा है.. इसका फ़ायदा यकीन मानिए कि उन्हीं औरतों […]

by June 4, 2019 Articles
चर्नोबिल, पहली नज़र में

चर्नोबिल, पहली नज़र में

1986, रूस का एक शहर, चर्नोबिल, न्यूक्लियर रिएक्टर में विस्फोट.. रंग बिरंगी लपटें.. ब्रिज के दूसरी ओर खड़े होकर, चमकती राख का लुत्फ़ उठाते लोग.. बिना ये जाने बूझे कि रंग रेडिएशन की वजह से है.. वो रेडिएशन जो इतना घातक है कि दो ही दिन में उनकी चमड़ी पिघलाकर, […]

by May 29, 2019 Articles