Hindi Poetry

नीरवता

नीरवता

गहराने लगी है नीरवता उदासी भी जमने लगी है मौन, एकांत, अकेलापन ये शब्द पर्यायवाची हैं या भिन्न मन को अंतर स्पष्ट करने की न व्यग्रता शेष न जिज्ञासा अर्थ का अनर्थ, अंत का होना अनन्त अब उद्वेलित नहीं करता प्रकृति के प्रहरी आंदोलित करने में असक्षम हो चले हैं […]

by May 9, 2020 Hindi Poetry
बातें, बाबा नागार्जुन

बातें, बाबा नागार्जुन

बातें / नागार्जुन बातें– हँसी में धुली हुईं सौजन्य चंदन में बसी हुई बातें– चितवन में घुली हुईं व्यंग्य-बंधन में कसी हुईं बातें– उसाँस में झुलसीं रोष की आँच में तली हुईं बातें– चुहल में हुलसीं नेह–साँचे में ढली हुईं बातें– विष की फुहार–सी बातें– अमृत की धार–सी बातें– मौत […]

by April 28, 2020 Hindi Poetry, Recital

दीवानी

सुनिए मेरी कविता दीवानी, मेरे शब्द मेरे साथ पर ये सरसराती सर्द हवा जब करीब से गुज़रती है जाने क्यों अपनी सी लगती है न बहने का खौफ इसे न थमने से डरती है ऊपर नीचे आगे पीछे पंख फैलाए आंखें मीचे उन्मुक्त गगन में इठलाती है सबसे जुड़ती सबसे […]

by April 9, 2020 Hindi Poetry, Recital

जवाब

कितना कुछ है कहने को पर शब्द नहीं कितना कुछ है करने को पर मन नहीं कितना कुछ अनकहा अबूझा सुख दुख से परे जीवन के फेर में सब सब अटका उलझा कुछ जवाब सवालों से ज़्यादा हैरां जो करते हैं… अनुपमा सरकार

by February 22, 2020 Hindi Poetry
जुस्तजू

जुस्तजू

उफक छूने की अब हसरत न रही टूटते तारों में वजूद ढूंढता है कोई? फलक पर चांद की जुस्तजू न रही नाज़ुक जुगनुओं से खेलता है कोई? हाथों से फिसलती रेत सा वक्त चाहकर भी रोक पाया है कोई?अनुपमा सरकार

by October 30, 2019 Hindi Poetry
सनम

सनम

हौले से मैना मुस्काई कोयल भी ज़रा सी शर्माई तितली भंवरे फूलों से कहें आ फागुन के गीत हम मिलके बुनें आमों की कच्ची कलियां चुनें सेमल की पत्तियों को हम गिनें वो उड़ती चीलें अलबेली वो डरती सहमी गिलहरी हाथों में हाथ जो थाम लें हम छोड़ें न साथ […]

by October 28, 2019 Hindi Poetry
My Hindi Poems on Mirakee

My Hindi Poems on Mirakee

     

by May 7, 2019 Hindi Poetry
मेरी पहली कविता

मेरी पहली कविता

शब्द और रंग, कविता और चित्र.. पूरक हैं इक दूजे के.. भाव उमड़े, कैनवस पर बहे और सज चले.. लगभग साढ़े चार साल पहले हिंदी में पहली कविता लिखी थी.. जाने कैसे ये पंक्तियां मन में अटक गईं थीं, ध्यान हटता ही न था इनसे “यहां की ज़मीं, यहां का […]

by July 31, 2018 Hindi Poetry