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सूरत में हादसा

सूरत में हादसा

सूरत में हुआ हादसा, फिर फिर, ध्यान दिलाता है कि हम अपनी ही जान को लेकर कितने लापरवाह हैं.. चौथी मंज़िल पर जाने के लिए लकड़ी की सीढ़ियां.. सबसे ऊपर एक्स्ट्रा टायर्स का रखा जाना.. और बाहर निकलने का कोई दूसरा सुरक्षित रास्ता न होना.. कितनी बार यही गलतियां दोहराई […]

by May 25, 2019 Articles
Game of Thrones Finale

Game of Thrones Finale

Peter Dinklage, Emilia Clarke, Kit Harrington , Sophie Turner, Maisie Williams have become household names, owing to one of the longest running TV Shows. The Game of Thrones, based upon A Song Of Ice and Fire written by George R. R. Martin, is indeed one of the most popular shows, […]

by May 21, 2019 Review
कल रात

कल रात

कल रात आंगन में चक्कर लगा रही थी। खरबूजे सा चांद अशोक के ठीक पीछे से झांक रहा था जैसे मुझे न्योता दे रहा हो, आसमान में आने का, धीमे-धीमे बादलों की सीढ़ियों पर पांव रख गुरु को कनखियों से देख, उसकी समझ-बूझ को खुद में बसाने का। कैसा धुला-धुला […]

by May 19, 2019 Fiction, Fursat ke Pal
दिनचर्या

दिनचर्या

बारिश की बूंदों का सीमेंट के फर्श और लोहे की बरसाती पर तड़कना.. बादलों का सूरज को आगोश में लेकर हुमकना.. मस्त पेड़ों का झोंकों संग ठुमकना.. आज की सुबह चुलबुली प्रकृति की अंगड़ाई संग शुरु हुई है.. अंधेरे की अभ्यस्त आंखें, आंगन में इठलाती हल्की रोशनी को एकटक निहार […]

by May 17, 2019 Fursat ke Pal
अजब दौर

अजब दौर

पीली साड़ी वाली और नीली ड्रेस वाली.. फोटोज़, विडियोज़, न्यूज़, इंटरव्यूज़.. किसी भुलावे में मत रहिएगा.. यहां पोशाकों के नाम से पुकारे जाने वाली महिलाएं, किसी फिल्म की हीरोइन या रैंप वॉक करती मॉडल्स नहीं हैं.. बल्कि आपकी और मेरी तरह अपनी ड्यूटी करती हुई आम घरों की आम औरतें […]

by May 15, 2019 Articles
टूटन

टूटन

बारिश, नाम ही काफी हुआ करता था.. चेहरे पर मुस्कान और कलम में जान आ जाया करती.. बूंदें धरती पर गिरें, उस से पहले ही दवात में समेट लेती.. मिट्टी की भीनी खुशबू, बादलों की गड़गड़ाहट, बिजली की चमक, झूम लेने का सबब हुआ करती थी.. सदाबहार के पत्ते हवा […]

by May 15, 2019 Fiction, Fursat ke Pal
पुरुष

पुरुष

अभी अभी एक खबर पढ़ी कि एक पति ने अपनी पत्नी की उंगलियां इसलिए काट डालीं क्योंकि वो आगे पढ़ना चाहती थी.. खून उबल आया, कैसे घटिया लोग हैं इस ज़माने में.. और फिर याद आया, कुछ साल पुराना एक वाकया.. किसी ने चुपके चुपके बतलाया था.. वो अक्सर किसी […]

by May 8, 2019 Articles
टैगोर

टैगोर

प्रिय कवि/लेखक/कलाविद टैगोर का जन्मदिवस हो और पाठकों की वॉल उनकी कविताओं से न सजी हो, ऐसा सम्भव ही कहां… पर मुझे तो रबि दा की स्केचिंग उनके शब्दों से भी कहीं ज़्यादा भाती है… भाव संप्रेषण शब्दों पर निर्भर कहां.. मन में उठती तरंगें, अक्सर रंगों और सुरों में […]

by May 7, 2019 Articles