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संझा बाती, पारुल तोमर

संझा बाती, पारुल तोमर

कविताएं सुर लहरी सरीखी होती हैं… एक बार मन रम जाए तो रुकने को जी ही न चाहे… तिस पर शब्द संयोजन और विषय विन्यास अनूठे हों तो समय का ध्यान रहे भी कैसे! जी, मैं बात कर रही हूं, डॉ पारुल तोमर के पहले कविता संग्रह संझा बाती की… […]

by February 6, 2019 Review
Don’t Hate The Don’ts; The Inside Story

Don’t Hate The Don’ts; The Inside Story

Don’t Hate The Don’ts is my first book, published recently on Kindle. I had been thinking of publishing an eBook for a long long time. In fact, one of my Hindi book was all rolled up to make it’s way through the publishing gates. However, something or other kept delaying […]

by January 31, 2019 Articles, Editors Desk
कृष्णा सोबती, नमन

कृष्णा सोबती, नमन

जाना तो हम सबको है… इहलोक से छूटते ही, हम इस संसार और देह की सीमाओं से परे भी हो जायेंगें.. केवल हमारे कर्म निर्धारित करेंगें कि हम अपनी अनुपस्थिति में भी यहां उपस्थित रह पाएं या नहीं… सृजन मानव मात्र का अधिकार है.. पर ये केवल देह से देह […]

by January 25, 2019 Articles
Sophie Says, Judy Balan

Sophie Says, Judy Balan

2019 has begun on a good note. Sophie Says by Judy Balan, turned out to be an excellent first read of the year. I downloaded the book on Kindle, on a whim. To tell you the truth, the tagline, Memoirs of a Breakup Coach, tilted the scales in favor of […]

by January 11, 2019 Review

Welcome 2019

As the clock strikes twelve tonight, a chapter ends, 2018 has passed with a handful of lessons and memories, and a whole new perspective opens up with 2019. It may be old fashioned and cliche to make resolutions for new year, that invariably get broken within the first few days […]

by January 1, 2019 Editors Desk
Jnanpith Awarded to Amitav Ghosh

Jnanpith Awarded to Amitav Ghosh

आज सुबह newspaper में पढ़ा Amitav Ghosh becomes First Writer in English to win Jnanpith… ये बात कुछ अटपटी लगी.. अब तक ज्ञानपीठ को भारतीय भाषाओं में लिखने वाले भारतीय लेखकों के लिए जानती थी… नाम से यही बूझती रही और अब तक का इतिहास भी यही दुहराता रहा… पर […]

by December 15, 2018 Articles
परिणीता

परिणीता

शरत चंद्र की परिणीता पढ़ते हुए लगा कि शायद पहली बार पढ़ रही हूं, बस प्रदीप सरकार की फिल्म का प्रभाव है जो कहानी जानी पहचानी लग रही है.. हर मोड़ पर लगा कि फिल्म कहीं बेहतर बनी थी, किताब में वो बात नहीं.. प्रभात प्रकाशन का हिंदी अनुवाद चुना […]

by December 10, 2018 Review
Manto Movie Review

Manto Movie Review

कैसा महसूस होता है, जब आपने किसी के बारे में पहली नज़र में ही जो राय बनाई हो, वो बिल्कुल सटीक निकले? आप कहेंगे, यकीनन अच्छा ही लगेगा, थोड़ा सा इतरा भी सकते हैं अपनी दृष्टि और समझबूझ पर.. आखिर आसान कहां किसी को परखना! अजी नहीं, गलत सोच रहे […]

by December 6, 2018 Review