Other News

मेरी दिल्ली

कोरोना, जनता कर्फ़्यू

कुछ भी कहिए, मास्टर स्ट्रोक तो रहा ये जनता कर्फ्यू… हमारे देश में, जहां लोग हर रूल की धज्जियां उड़ाना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं… करोड़ों को उनके ही घर की सीमा में बांध देना, आसान नहीं… एक दिन का कहकर घर में बिठाकर, बड़े प्यार से रिहर्सल करवा दिया… […]

by March 23, 2020 Articles
ओलावृष्टि

ओलावृष्टि

1 घंटे तक बारिश और बीच बीच में ओले गिरे… धरती को सफ़ेद होते देखने का रोमांच ही अलग है… पर इस बेमौसम की बारिश पर मन झूमता नहीं… नाज़ुक पितुनिया खिले थे… सब टूट गए… अभी मेड अफ़सोस जता रही थी, “दीदी इत्ते सारे गमले के पीछे से उठा […]

by March 15, 2020 Articles
Section 375, Movie

Section 375, Movie

Section 375, कानून की वह धारा, जिसे लेकर हमारा समाज जाने कितनी बार कोर्ट रूम से लेकर मीडिया तक, खबरों में रहता है… बलात्कार, एक ऐसा कड़वा खौफ़नाक सच, जिसमें विक्टिम के साथ न्याय होने में सालों खर्च होते हैं और तब भी अक्सर जजमेंट और ट्रायल के दौरान केस […]

by March 15, 2020 Review
रंग

रंग

आज ऑफिस से पैदल ही घर आयी… बहुत सालों में शायद पहली बार छोटी होली पर भी अकेले निकलने और पैदल चलने की हिम्मत जुटाई थी… हालांकि आधे रास्ते आते आते, अपना फैसला गलत लगने लगा… एक कॉलेज आता है रास्ते में और पार्क भी… दोनों ही जगह लड़कों के […]

by March 9, 2020 Articles
हिंदी मूवीज़

हिंदी मूवीज़

पिछले दो दिन में चार मूवीज़ देखीं… पति पत्नी और वो (कार्तिक आर्यन के खातिर 🙃 हालांकि काफ़ी बोर किया मूवी ने, पर पूरी देख ही ली) … मोतीचूर चकनाचूर, नवाज़ुद्दीन के कारण देखनी शुरु की थी, पर इतना हमाए तुमाए, हमारे से पचाया नहीं गया, सो छोड़ दी… स्टूडेंट […]

by February 22, 2020 Articles

जवाब

कितना कुछ है कहने को पर शब्द नहीं कितना कुछ है करने को पर मन नहीं कितना कुछ अनकहा अबूझा सुख दुख से परे जीवन के फेर में सब सब अटका उलझा कुछ जवाब सवालों से ज़्यादा हैरां जो करते हैं… अनुपमा सरकार

by February 22, 2020 Hindi Poetry
उजड़ा चमन

उजड़ा चमन

“ज़माना दिलों की बात करता है, पर मुहब्बत आज भी चेहरों से शुरु होती है” “उजड़ा चमन” का ये डायलॉग सुनने में शायद घिसा पिटा लगे पर सच्चा है… गंजे हीरो और मोटी हीरोइन को लेकर बनी ये फिल्म शायद सिर्फ cliche लगे… पर ये कहानी सच्ची लगती है, कहीं […]

by December 28, 2019 Articles, Review
दुख का नमक, कविता

दुख का नमक, कविता

प्रेम अविरल धारा है… ऐसा कोमल अहसास, जो कठोर हृदय को मोम सा पिघला दे… जब प्रेम भाव उमड़े तो स्त्री गुण ही हावी होते हैं मन में… पुरुष भी प्रेम में उतना ही संवेदनशील और कोमल हो उठता है,जितनी कि नारी… तो फिर स्त्री मन तो पहले ही इतना […]

by November 20, 2019 Articles