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Khalil Gibran Translations

जब प्यार पुकारे, चल दो उसके पीछे चाहे राहें दुर्गम हों, टेढ़ी मेढ़ी सी जब वो पंखों में समेटे, सौंप दो उसे खुद को चाहे उसके नुकीले डैने, भेद दें तुम्हें जब वो बात करे, विश्वास करो उस पे चाहे उसकी आवाज़, ख्वाब तोड़ दे ठीक वैसे ही जैसे उत्तर […]

by November 29, 2015 Translations

Translated Poems of Christopher Poindexter

1. मैं आश्वस्त हूँ कि हम, किसी तरह अपने अंदर तारों को समेटे हुए हैं हालाँकि ये मूर्खता है, नितांत पागलपन पर सोचो इसका सौंदर्य ? हम चमक उठते हैं हर उस पल जब हम प्रेम को महसूस करते हैं और हम क्षीण हो जाते हैं हर उस पल जब […]

by November 26, 2015 Translations