Review

Badlapur : Movie

Badlapur : Movie

कोई हल्की फुल्की कॉमेडी देखने का मन था.. सोचा मॉडर्न डे गुड लुकिंग गोविन्दा.. यानि कि वरुण धवन से बेहतर आप्शन भला क्या होगा.. थोड़ी सर्च की… और अंदाज़न बदलापुर पर नज़र पड़ी.. मूवी के कुछ गाने खासे लोकप्रिय हुए थे.. सो बैठ गई देखने.. पर पहले ही सीन ने […]

by August 6, 2016 Review
Earth 1947 :Movie

Earth 1947 :Movie

Just finished watching Earth 1947.. For the uninitiated, it is a movie directed by Deepa Mehta, released in 1998.. set in Lahore in 1947, and runs through the partition phase, spanning over a few months.. starring Nandita Das as Shanta the Aaya, Aamir as Dil Nawaz, fondly called Ice candy […]

by June 13, 2016 Articles, Review
Ijaazat : Movie

Ijaazat : Movie

नसीर, रेखा और अनुराधा पटेल की इजाज़त.. देखी और बस सोचती रह गई.. गुलज़ार की इस फ़िल्म को हम में से ज़्यादतर लोग माया के किरदार की वजह से जानते हैं… मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है.. को कौन भुला सकता है… पर जब से मैंने ये मूवी देखी, […]

by June 12, 2016 Articles, Review
Jpeg

Thurston House by Danielle Steel

I had bought Thurston House by Danielle Steel at the Book Fair held in Delhi last year, as the name of both the novel and novelist appealed to me. I had read A Good Woman by Steel a few years ago and enjoyed her style of creating convincing historical fiction. […]

by January 9, 2016 Review
मेरी इक्कीस पर्यावरणीय कविताएं : मुहम्मद अहसन

मेरी इक्कीस पर्यावरणीय कविताएं : मुहम्मद अहसन

जंगल- नाम सुनते ही सरसराहट सी होती है मन में। कभी गई नहीं वहाँ, पर पेड़ पौधों का जमघट मुझे आकर्षित करता रहा हमेशा। खिलते फूलों, बिखरे पत्तों और बहते झरने का दृश्य इस शब्द के साथ जुड़ा सा ही लगता है मुझे। इसलिए आज जब मुझे मुहम्मद अहसन साहब […]

by March 1, 2015 Review

Mademoiselle Fifi by Guy de Maupassant

Read my first ever short story by Guy De Maupassant titled Mademoiselle Fifi. And, during this 10 page long read, my emotions swayed from one extreme to another. So thought of sharing my views with all of you. The story is very simple and can be summarized in just three […]

by February 1, 2015 Review

Poems by Gopal Singh Nepali

आज गोपाल सिंह नेपाली जी की कुछ कविताएँ पढ़ीं। कुछ देशभक्ति से ओत प्रोत मन में नया उत्साह भरने वाली थीं तो कुछ कोमलता से बेटियों के पराया होने की व्यथा सुनातीं। हिमालय के प्रति गर्व भी दिखा उनकी कविताओं में तो राजनीति के झूठे समीकरणों में न उलझने का […]

by August 15, 2014 Editors Desk, Review
गीत मरते नहीं

गीत मरते नहीं

पहले सोचा करती थी कि लोग जाने कविताएँ क्यों करते हैं। सीधी साधी भाषा में बात क्यों नहीं कर लेते। परंतु जब मैंने दुष्यंत कुमार जी, महादेवी वर्मा जी, निराला जी सरीखे कवियों की रचनाओं को पढ़ने की कवायद शुरू की तो जाना कि सीधे साधे शब्दों को जब विचारों […]

by May 25, 2014 Review