My Published Work

Poem in Shabdvyanjana

Poem in Shabdvyanjana

   

by June 24, 2016 My Published Work
Nature and Humanity : In Defender

Nature and Humanity : In Defender

by June 15, 2016 My Published Work, Poetry
वो लड़की

वो लड़की

by June 12, 2016 Hindi Poetry, My Published Work
थक गए बादल

थक गए बादल

by June 12, 2016 Hindi Poetry, My Published Work
स्त्री शक्ति

स्त्री शक्ति

कार्तिक मास तिथि दशमी दिवस बुधवार, नन्हीं सी जान सहेजकर लाए थे वो, लाल चुनरी में लिपटी दो फुट की प्रतिमा, मृगछौने सी कोमल आंखें, लहराते काले केश दाएं हाथ में त्रिशूल, बांए पांव के नीचे अर्ध पुरूष। अवाक थी मैं उस रूप को देखकर, आक्रोश इतना मनमोहक भी होता […]

by June 8, 2016 Hindi Poetry, My Published Work
आधुनिकता

आधुनिकता

आधुनिकता शीशे की ऊंची सी इमारत, चुस्त पोशाक पहने सजग पहरेदार, प्रवेश करने से पहले पहचान पत्र की चैकिंग, यहाँ तक कि सामान की जांच करने के लिए भी एयरपोर्ट नुमा बेल्ट। पूरी तरह बंद दरवाज़े खिड़कियाँ कि कहीं वातानुकूलित हवा बाहर न निकल जाए। ए. सी. लगा था न […]

by May 12, 2016 Fiction, My Published Work
वो अक्तूबर

वो अक्तूबर

अक्तूूबर महीने के आते आते करमा अधीर हो उठता। बगिया में गुलाबों की गुढ़ाई होती, सारे माली क्यारियों में पनपती पौध देख कर गर्व से सीना फुलाये घूमा करते और ये अनमना सा एक कोने में बैठा आंसू बहाता । आँखों से कम दिखता था और कानों से तो लगभग […]

by May 5, 2016 Fiction, My Published Work
फाईल

फाईल

भोजपुरी पंचायत के अक्टूबर अंक में छपी मेरी पहली कहानी फाईल आरोपों प्रत्यारोपों की कोई सीमा होती है क्या? या फिर ये सोच विचार, समझबूझ निपट जुमले ही हैं जिन्हें हम अपनी सुविधा अनुसार आचरण में लाते और भूल जाते हैं। एक फाईल पर हुआ छोटा सा बवाल किस कदर […]

by October 26, 2014 My Published Work