My Published Work

स्त्री शक्ति

स्त्री शक्ति

कार्तिक मास तिथि दशमी दिवस बुधवार, नन्हीं सी जान सहेजकर लाए थे वो, लाल चुनरी में लिपटी दो फुट की प्रतिमा, मृगछौने सी कोमल आंखें, लहराते काले केश दाएं हाथ में त्रिशूल, बांए पांव के नीचे अर्ध पुरूष। अवाक थी मैं उस रूप को देखकर, आक्रोश इतना मनमोहक भी होता […]

by June 8, 2016 Hindi Poetry, My Published Work
आधुनिकता

आधुनिकता

आधुनिकता शीशे की ऊंची सी इमारत, चुस्त पोशाक पहने सजग पहरेदार, प्रवेश करने से पहले पहचान पत्र की चैकिंग, यहाँ तक कि सामान की जांच करने के लिए भी एयरपोर्ट नुमा बेल्ट। पूरी तरह बंद दरवाज़े खिड़कियाँ कि कहीं वातानुकूलित हवा बाहर न निकल जाए। ए. सी. लगा था न […]

by May 12, 2016 Fiction, My Published Work
वो अक्तूबर

वो अक्तूबर

अक्तूूबर महीने के आते आते करमा अधीर हो उठता। बगिया में गुलाबों की गुढ़ाई होती, सारे माली क्यारियों में पनपती पौध देख कर गर्व से सीना फुलाये घूमा करते और ये अनमना सा एक कोने में बैठा आंसू बहाता । आँखों से कम दिखता था और कानों से तो लगभग […]

by May 5, 2016 Fiction, My Published Work
फाईल

फाईल

भोजपुरी पंचायत के अक्टूबर अंक में छपी मेरी पहली कहानी फाईल आरोपों प्रत्यारोपों की कोई सीमा होती है क्या? या फिर ये सोच विचार, समझबूझ निपट जुमले ही हैं जिन्हें हम अपनी सुविधा अनुसार आचरण में लाते और भूल जाते हैं। एक फाईल पर हुआ छोटा सा बवाल किस कदर […]

by October 26, 2014 My Published Work
Wings in Defender Mag

Wings in Defender Mag

My poem published in July 2014 issue of Defender Magazine

by August 9, 2014 My Published Work
थम जा रे मन

थम जा रे मन

Defender मैगज़ीन में प्रकाशित मेरी कविता : बिजली की रफ्तार से भाग रहा है ये मन पंगडंडियों पर नंगे पांव सरपट दौड़ता। उस ऊंचे शिखर की ओर जहां सुबह सवेरे गोल मटोल सूरज आसमां की गोद से प्रकट होता है आंखों को ठंडक देती लालिमा का स्वर्णिम दृश्य उकेरता है। […]

by July 18, 2014 My Published Work
रिश्ते : बदलते समीकरण

रिश्ते : बदलते समीकरण

अखबारों में आए दिन हम राजनैतिक गठबन्धनों की खबरें पढ़ते रहते हैं। किस तरह जोड़ तोड़ से सरकारें बनाई जाती हैं और किस तरह सांठ गांठ करके तख्ते पलट दिए जाते हैं ये बात शायद किसी भी जागरूक नागरिक से छुपी नहीं है। यहाँ तक कि अब तो गठबंधन सरकार […]

by July 11, 2014 Articles, My Published Work
नारी जीवन

नारी जीवन

भोजपुरी पंचायत में छपा मेरा पहला आलेख नारी जीवन : एक नया आयाम कभी ध्यान से देखी है आपने वो छोटी सी नदी, जो पहाड़ों का सीना फाड़, वेग से निकलती है। चंचल, असीमित, रोमांच से भरपूर मानो पूरी दुनिया को अपने नन्हें कदमों से नाप लेगी। बिल्कुल एक नादान […]

by June 30, 2014 My Published Work