Kuch Panne

कुछ पन्ने 2

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अति संवेदनशील मन स्पंज की भांति अपने आसपास होने वाली घटनाओं, बातों, लोगों से प्रभावित हो जाता है.. जाने अनजाने वे सब उसका एक हिस्सा बनने लगते हैं… और हर तरह का प्रभाव अच्छा ही हो, ज़रूरी तो नहीं, तब बेहद ज़रूरी हो जाता है कि आप खुद को आसपास […]

by January 15, 2017 Kuch Panne
कुछ पन्ने 1

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मूरत से लगाव हुआ नहीं कभी.. नहीं, नहीं ऐसा नही कि भगवान में विश्वास नहीं…. है, प्रगाढ़ आस्था है और हो भी क्यों नहीं… कहीं सोची पढ़ी है ऐसी शख्सियत, जो सब कुछ खुद करने में सर्वथा समर्थ होने के बावजूद, आपको अपनी मर्ज़ी से सोचने, समझने, चलने, गिरने की […]

by January 15, 2017 Kuch Panne