Hindi Poetry

चांदी के फूल

चांदी के फूल

चांदी के फूल देखे हैं कभी सब्ज़ शाखों पे रोएंदार लफ्ज़ों में लिपटे नगमा गा रहे थे मेरी झलक पे शरमा गए दूर जा छिपे हैं डूबते सूरज के आगोश में सर्दियों में शामें कुछ शर्मीली होती हैं न ! Anupama

by November 24, 2015 Hindi Poetry
शीत की प्रेयसी

शीत की प्रेयसी

ओढ़ चुनर तारों की बांध पैंजनी पत्तों की हौले हौले निशा चली चाँद का साया गहरा सा बादलोँ का जत्था ठहरा सा शिवली महकी महकी सी गुलबिया बहकी बहकी सी चमेलिया करती कानाफूसी गेंदे की भी कली खिली मद्धम मद्धम हवा चली शीत की प्रेयसी हौले से मेरे आँगन ठुमक […]

by November 24, 2015 Hindi Poetry
कोरा कागज़

कोरा कागज़

मेरी किस्मत तो तूने बड़े चाव से लिखी थी पर अफसोस तेरी कलम में स्याही नहीं थी तू लिखता गया यूं ही मिटता गया जीवन का कागज़ तो कोरा गया ये बिखरे से सपने वो अनलिखे पन्ने ये बेरंग तस्वीरें वो रूठी तकदीरें मुझको तो बस यही हासिल रहा रूई […]

by October 30, 2014 Hindi Poetry
धोबन

धोबन

बरसों से वो धोबन मेरे घर आती है गठरी में बंधे कपडे़ इस्त्री को ले जाती है नाम नहीं जानती मैं उसका शायद लाडो हो बचपन में या कोई देवी पर मुझे हमेशा से बेटा कहकर ही बुलाती है आज वो कुछ झुकी सी लगी बाल भी कम थे सिर […]

by October 28, 2014 Hindi Poetry
तबाही

तबाही

यूं ही बैठे-बैठे ख्याल आया क्या हो गर बर्फ की चादर बिछ जाए उस तारकोल की सड़क पर क्या हो गर वो सूरज भूल जाए रोज़ पूरब से खिलखिलाना चांद न चमके पूनम पर तारों का खो जाए फसाना शिवली झरना छोड़ दे बरगद की दाढ़ी बढ़ना बंद हो जाए […]

by October 28, 2014 Hindi Poetry
डायरी

डायरी

खोले बैठी हूँ आज वो पुरानी डायरी जिसके कोरे सफहों पर कुछ नज़्में लिखी थीं खो गई थी कुछ रोज़ से पूरा बुकरैक छान मारा था मैंने मिल ही नहीं रही थी आज अचानक टेबल की ड्रॉर में मिली शायद कभी वहाँ रख भूल गई थी मैं भी न चीज़ों […]

by October 28, 2014 Hindi Poetry
रावण

रावण

धू-धू करके रावण के पुतले जलने लगे बुद्धिमान इस पर भी सवाल खड़े करने लगे कहते हैं पुतलों से क्या होगा भीतर का रावण मारो कुंभकर्ण तो भाई सगा था विभीषण को गोली मारो सीता ही नहीं थी पतिव्रता मंदोदरी का गुनगान करो राम ने ऐसा क्या किया आज जो […]

by October 3, 2014 Hindi Poetry
A Poem inspired by a Novel

A Poem inspired by a Novel

Inspiration strikes me in strangest of places. I have just finished an emotionally rocking novel “Out of the Dark” written by Linda Caine and Robin Royston. Though written as a gripping suspense book, it is autobiography of a strong woman Linda Caine, who suffers through severe bouts of depression and […]

by September 1, 2014 Hindi Poetry