Hindi Poetry

My Poems on Your Quote

My Poems on Your Quote

by June 8, 2017 Hindi Poetry
बगूला

बगूला

Bheeni si Khushboo Mehki kahin Yaadon ka Bagoola Behkane laga Gulmohar ki Paak Panah mein Jhoolti Nanhi Sunehli kaliyaan Khaamosh Dopahar Ruki Sadaayein Jhuki si Palken Khwaab Sajaayen Jaane Saazishen Qaayanaat ki Ya bas ik Aahat Tere Aane ki…. Anupama

by May 17, 2017 Hindi Poetry
मासूम खुशियां

मासूम खुशियां

चाँद की नाव नदिया में खेने सितारे ज़मीं पे चले आये इक तितली ने पंख फैलाये असंख्य फूल खिल आये इक बदरा ने आवाज़ लगाई मस्त हवा पहाड़ों से दौड़ी आई झरना खिलखिलाया पगडण्डी लहराई रेतीले टीलों ने भी हामी मिलाई इक भोली सी मुस्कान खिली लाखों अँखियाँ टिमटिमाईं खुशियां […]

by May 17, 2017 Hindi Poetry
अप्रैल की शाम

अप्रैल की शाम

हल्का नीला आसमां रूई की पहाड़ियों से नन्हे नाज़ुक बादल मद्धम सी हवा और पीपल के पीछे से झांकता कुतरा सा चांद उफ्फ! अप्रैल की ये शाम कितनी प्यारी है शायद मेंह बरसने की तैयारी है!! Anupama

by April 28, 2017 Hindi Poetry
प्यार करो

प्यार करो

इतना ही तो चाहा मैंने कि तुम मुझको याद करो जब तुम देखो अपनी सूरत मुझको ही तुम याद करो जब उगता हो आधा सूरज मुझको ही तुम याद करो जब छाए वो चटख चांदनी मुझको ही तुम याद करो जब गहराए मस्या काली मुझको ही तुम याद करो जब-जब […]

by April 24, 2017 Hindi Poetry
अमलतास

अमलतास

आज देखा अजब नज़ारा गुलमोहर भी किसी से हारा! हुआ कुछ यूं कि हम चल रहे थे दीवार के साथ साथ वही निर्जीव लाल दीवार जो अपने पीछे जाने कितनी सुंदरता छुपाए बैठी है! पर आज उसकी शान ही कुछ अलग थी अमलतास के फूलों से जो ढकी थी कोमल […]

by April 20, 2017 Hindi Poetry, My Published Work
लड़ियां

लड़ियां

लाल पीले फूलों की लड़ियां दीवारों पे लटकती पुरानी जर्जर इमारतें भी नए रंगों में चहकती। जिन बेजान पत्थरों में अपनी याद भी बाकी नहीं पुष्पों के संपर्क से सजीव हो चले ज्यों पैदा ही हुए हों महकने के लिए। बसंत क्या आई रूप ही बदल गया दीवारें बोल उठीं […]

by April 19, 2017 Hindi Poetry
अर्पण

अर्पण

तेरा तुझको अर्पण करके भी मैं परेशान ऐसा तो हो नहीं सकता। शायद मेरे समर्पण में ही कोई कमी है। इसे पूर्ण करने की एक कोशिश और करूँ या छोड़ दूं इसे बीच राह में असमंजस तू ही सुलझा। चल एक बात तो मानी मेरे दुस्वप्न सच होते हैं। स्वप्नों […]

by April 15, 2017 Hindi Poetry