Hindi Poetry

संभावना

संभावना

समंदर किनारे बैठ लहरें गिनते रहना हाड़-मांस का बालू हो जाना है तूफान के डर से बादलों से अचकचाना पृथ्वी का सृजन से दूर चले जाना है शब्दों की भीड़ में संवेदनाएं ढूंढना मेरा मुझको खुद से ही छले जाना है बहाव, खिलाव, भाव का प्रतीक्षारत रह जाना उनके होने […]

by August 17, 2017 Hindi Poetry
विद्युत

विद्युत

तारों का जाल ज़मीं छूता विद्युत प्रवाह निसंग निर्बाध संभल संभल कदम कदम फूंक कर चल कहे ज़िन्दगी पल पल…. Anupama (बिजली की तारों को खंबे से नीचे सड़क पर झूलते देखा, अजब दहशत होती है ये लापरवाही देखकर)

by August 16, 2017 Hindi Poetry
आज़ादी

आज़ादी

सभी मित्रों को 71वें स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें इंसानी फितरत है, जितना मिल जाए, उससे ज़्यादा पाने की उम्मीद करने की.. हमने गुलामी का ज़हर नहीं पिया, इसलिए शायद आज़ादी का अमृत उतना मीठा नहीं लगता.. पर कम से कम एक दिन देशभक्ति का जज़्बा उमड़ता देख, अच्छा लगता […]

by August 15, 2017 Hindi Poetry
विधाता

विधाता

कठपुतलियां देखीं हैं कभी अक्सर कहते सुना, हम भी हैं वैसे ही भाग्य के भरोसे, सांस लेते गुड्डे पर उधेड़ो ज़रा उस मन को धीमी सी चरमराहट होगी और राज़ खुल जायेगा विधाता बहुत ज्ञानी रे हमारी डोर हमारे हाथ थमा दर्शक दीर्घा में मुस्कुरा रहे…. Anupama

by August 5, 2017 Hindi Poetry
ब्लैक होल

ब्लैक होल

पढ़ा था कभी किताबों में धूल के बादलों का लहराते हुए आना इक दूजे में समाना और सितारा हो जाना हाइड्रोजन का लिपटना, हीलियम बन जाना अंतहीन ऊर्जा, अनंत प्रकाश और अनायास इक चमकीले तारे का अंतरिक्ष में मुस्कुराना हां, पढ़ा था कभी किताबों में, मैंने सितारों का सूरज हो […]

by July 29, 2017 Hindi Poetry
तेरी हंसी

तेरी हंसी

तेरी खनकती हंसी मेरे हाथों के कंगन तेरी मस्त आँखें मेरे दिल की धड़कन तेरा धीमा सा ख्याल मेरे पाँव की पायल तेरा तीखा सा सवाल मेरे नैनों का काजल तेरे गुस्से की धार पर मेरे प्यार का वार तेरे जीत की धुन मेरे जीने का आधार ! Anupama

by June 12, 2017 Hindi Poetry
My Poems on Your Quote

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by June 8, 2017 Hindi Poetry
बगूला

बगूला

Bheeni si Khushboo Mehki kahin Yaadon ka Bagoola Behkane laga Gulmohar ki Paak Panah mein Jhoolti Nanhi Sunehli kaliyaan Khaamosh Dopahar Ruki Sadaayein Jhuki si Palken Khwaab Sajaayen Jaane Saazishen Qaayanaat ki Ya bas ik Aahat Tere Aane ki…. Anupama

by May 17, 2017 Hindi Poetry