Fursat ke Pal

उमंग

उमंग

सुबह सुबह बारिश की बूँदें झिलमिलाती सी आँगन में उतर आएं तो माहौल में एक अलग ही ताज़गी अनुभव होती है। धुले से पत्ते और पंख समेटे शाखों पे बैठे मासूम से पंछी, नवजीवन के स्वागत पटल पर झूमती रंग बिरंगी लड़ियों से लगते हैं मुझे। सच अजब हैं ये […]

by May 3, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
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फुर्सत के पल : 9

फिर खिले हैं सेमल.. ज्यों भूरी भूरी टहनियों पर लाल-पीले बल्ब टांग दिए हों किसी ने.. जानते हैं ये बहुत भाते हैं मुझे… परन्तु रंग-रूप, आकार-प्रकार के कारण नहीं.. बल्कि देखा जाये तो इनमें नैसर्गिक सौंदर्य न के बराबर है.. जब तक फूल न खिलें, इस पेड़ को पहचान भी […]

by March 14, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
फुर्सत के पल : 8

फुर्सत के पल : 8

दूध की दो बूँद पानी में गिरते ही एक हल्का सा परिवर्तन ले आती हैं.. रंग, रूप, प्रकृति में… हाँ, दूध का स्वभाव है, आत्मसात हो जाना, इसलिये पूर्ण रूप से घुल जाता है, पानी के छोटे छोटे कणों में… अपनी चिकनाहट, श्वेत रंग, मधुर स्वाद को विलुप्त करता.. पर […]

by March 8, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
फुर्सत के पल : 7

फुर्सत के पल : 7

ब्रह्म मुहूर्त… अस्त होते चन्द्रमा के मद्धम प्रकाश में, उत्श्रृंखल सागर के किनारे गहरी गीली बालू… और दायें पांव के नख के अग्र भाग से अपना नाम अंकित करती एक परछाईं… नेपथ्य में शंखनाद और मन के कोने में उमड़ते भाव स्वतः जुड़ गए.. परन्तु प्रकृति में कुछ भी अकारण […]

by March 8, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
फुर्सत के पल : 6

फुर्सत के पल : 6

शहद की बूँद सी पारदर्शी आवाज़, पूर्व नियोजित दिशा में तेज़ी से बढ़ते हुए, हौले से जल के मध्य में तरंगें उत्प्न करती हुई.. ठीक वैसे ही जैसे गोधूलि के समय प्रकृति में असीम शांति और पवित्रता हमजोली बनकर मुस्कुराते हैं… वैसे ही जैसे उत्तर दिशा में उदित तारा, चन्द्रमा […]

by March 7, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
फुर्सत के पल : 5

फुर्सत के पल : 5

शर्मीला सूरज गुलाबी चमक लिए जागा है आज। चन्दा ने चादर तानकर सोने का फैसला लिया है। आज उसकी धवल चांदनी नहीं, सूरज की लालिमा ही सबके मन में छाई है। बादलोँ ने सुबह सवेरे हल्का सा गरज बरस कर शुभ मंगल सर्वदा की हुंकार लगा दी है। सेमल की […]

by February 7, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
फुर्सत के पल : 4

फुर्सत के पल : 4

आज घर लौटते हुए जब पार्क से गुज़री तो खासी भीड़ थी वहां। दिल्ली का मौसम अंगड़ाइयां ले रहा है आजकल, सर्द हवाएं लुक्काछिपी खेल रही हैं और हम दिल्लीवासी, ठण्ड में ठिठुरने को आतुर भी हैं और भीषण सर्दी के न आने से खुश भी। आखिर, अति हर बात […]

by February 2, 2016 Fiction, Fursat ke Pal
फुर्सत के पल : 3

फुर्सत के पल : 3

One for Sorrow, Two for Joy…. बचपन में मैनों के जोड़ों को देखकर अक्सर चिल्लाते थे हम, मानो, सच में दो मैना साथ देखकर ख़ुशी ने अचानक से धावा बोल दिया हो। जब दफ़्तर जाने लगी तो पूसा का हरा भरा इलाका मेरे नियमित रुट का हिस्सा हो गया और […]

by February 2, 2016 Fiction, Fursat ke Pal