Articles by: Anupama Sarkar

हाथी दांत पर उकेरे बुद्ध के जीवन दृश्य

हाथी दांत

कुछ समय पहले National Museum गई थी… वहां हाथी दांत (Ivory) की बनी चीज़ों का अच्छा खासा कलेक्शन दिखा.. एक पूरा कमरा, सिर्फ और सिर्फ हाथी दांत से बनी कलाकृतियों को समर्पित… ज्वैलरी बॉक्स, पादुका, छोटी छोटी मूर्तियों से लेकर मन्दिर और सिंहासन के पाये तक… उन पर की हुई […]

by March 5, 2018 Articles
प्रमाद

प्रमाद

पक्ष विपक्ष तर्क वितर्क के तराजू में भाव हल्के पड़ते जाते हैं जर्जर होते तन और क्षीण पड़ते मन के उद्गार कंठ में सिमटे रह जाते हैं मंथर बुद्धि क्षिथिल धड़कन कांपते हाथ फिसलते पांव बढ़ती आयु के ही परिचायक नहीं कहीं भीतर, गहरे, बहुत गहरे रिसते घावों की टीस […]

by March 4, 2018 Hindi Poetry
बगूला

बगूला

यादों का बगूला अक्सर मन को बहा ले जाता है… स्मृतियों की संकरी गलियों में सूरज कभी डूबता भी तो नहीं… हर मोड़ पर इक लम्हा ठहरा मिलता है, उसी जगमग, उसी कश्मकश, उसी उदासी, उसी खुशी में सराबोर… जैसे जीवन वहीं थमा है अब भी, वहीं उसी मोड़ पर.. […]

by March 3, 2018 Fursat ke Pal
वेदना

वेदना

असंवेदनाओं का दौर है….. मैं सालों तक खुशवंत सिंह की Train to Pakistan पढ़ना अवॉयड करती रही.. डरती थी कि कहीं सेंसेशनलिज्म के नाम पर वे हिंदुस्तान पाकिस्तान के बंटवारे को तमाशा न बना दें.. पर फिर उस किताब का 50 वां एडिशन छपा और मैं अपनी जिज्ञासा रोक न […]

by February 27, 2018 Articles
सदाबहार

सदाबहार

आज आंगन में चहलकदमी करते नज़र अचानक सदाबहार के पौधे पर चली गई। पांच फुट ऊंचा पेड़ बन चुका है, मेरे घर का ये नन्हा मेहमान। शायद खाद ज़्यादा मिल गई या धूप-पानी ने कुछ खास खातिरदारी कर डाली। खैर, मेरे घर के पौधों की खासियत ही है, पनपते नहीं […]

by February 26, 2018 My Published Work
Sridevi Dies at 54, and yet is alive forever

Sridevi Dies at 54, and yet is alive forever

हंसती खिलखिलाती, शरारती आंखों और टेढ़ी मेढी शक्ल बनाती श्रीदेवी किसका दिल न जीत लें भला.. मासूमियत और खूबसूरती का अनोखा मिश्रण था उनमें… और नृत्यांगना तो वे उच्च कोटि की थीं ही.. उनके थिरकते पांव और बुदबुदाते होंठ, जादू सा कर देते.. पर रूप और अदा से कहीं बढ़कर […]

by February 25, 2018 Articles
My Short Poems

My Short Poems

by February 24, 2018 Nano fiction
Batashe sa Chaand

Batashe sa Chaand

by February 23, 2018 Hindi Poetry