Articles by: Anupama Sarkar

My Prose in Ink Drift Magazine

My Prose in Ink Drift Magazine

My prose piece “Once Upon a Time in February” was published in Ink Drift Magazine in January 2018 Issue, aptly called Sprinkle.

by March 24, 2018 My Published Work
The Other Way by Imtiaz Ali

The Other Way by Imtiaz Ali

अभी अभी एक पोस्ट पढ़ी इम्तियाज़ अली की शॉर्ट मूवी “The Other Way” के बारे में.. देखने की उत्सुकता हुई और 14 मिनट की ये फिल्म youtube पर झटपट देख भी अाई.. कला और सिनेमा को अपनी बात कहने का पूरा हक है…. अक्सर लगता है कि आर्टिस्ट्स ही समाज […]

by March 22, 2018 Review
तहें

तहें

by March 16, 2018 Hindi Poetry
Rajnigandha Movie

Rajnigandha Movie

सोचा था आज सुबह से बहुत बोल चुकी, अब ज़रा दोस्तों को आराम करने दूं.. पर कुछ देर पहले रजनीगंधा देखी.. और अभी अभी Sanjay जी की लिखी रोबोट और इंसान की प्रेम कहानी पढ़ी.. दोनों बातें जुड़ी सी महसूस हुईं, मानो एक्शन और रिएक्शन.. पहले बात करते हैं रजनीगंधा […]

by March 12, 2018 Articles, Review
मुबारकबाद

मुबारकबाद

तुमने रंगीनियों को चाहा शीशों से इमारतों को सजा दिया मैंने रंगों को चाहा तितलियों को हथेली पर बिठा लिया तुमने संगीत को चाहा सुरों को राग ताल में साध लिया मैंने सुरों को चाहा बुलबुल के गीतों में खुद को भुला दिया तुमने अमीर होना चाहा सिक्कों की खनक […]

by March 11, 2018 Hindi Poetry
नसों में नमक

नसों में नमक

by March 10, 2018 Hindi Poetry
गया और फल्गु नदी

गया और फल्गु नदी

गया का नाम बहुत सुना था पर आज मालूम पड़ी एक गज़ब बात… यहां फल्गु, नाम की एक ऐसी नदी है, जो सतह पर सिर्फ और सिर्फ बालू का ढेर है और ज़मीन से कुछ फीट नीचे, पानी से लबालब.. छ्ठ में इस सूखे रिवर बेड में छोटे छोटे कुंड […]

by March 9, 2018 Articles
प्रेम या देह

प्रेम या देह

प्रेम प्रेम प्रेम रटने वाले देह देह देह चखने वाले रचेंगें शब्द बेचेंगें भाव और फिर आंखें मूंद, मौन धर दर्शन की पीठ चढ़ लेंगे एक और कश खीसें निपोर कहेंगे स्त्री तुम महान हो हमारा सम्मान हो यूं ही बेवकूफ बनती रहना….. Anupama Sarkar

by March 8, 2018 Hindi Poetry