Articles by: Anupama Sarkar

Jamini Roy

Jamini Roy

What do you think, can be achieved by bright colors, straight lines and exaggerated curves? Well, when the brush is wielded by the brilliant Jamini Roy, I would say seven colors and few lines, would create nothing less than magic. As I visited National Gallery of Modern Art and looked […]

by February 6, 2018 Articles
काफ्का और मैं

काफ्का और मैं

हवा में हल्की सी ठंडक, उनींदी अंखियां और खिड़की से छनकर आती धूपिली गोलियां अंगड़ाई लेते हुए बिस्तर से उठने की कोशिश में यकायक धरती डोलती महसूस हुई भूकम्प! सोचते ही नस नस झनझना उठी पर नहीं, आसपास नज़र दौड़ाई मैं बिस्तर पर नहीं, ट्रेन में थी शीशे के पार, […]

by February 6, 2018 Hindi Poetry
प्रेमी

प्रेमी

तुम शिद्दत से ढूंढ़ते रहे वो इंसान जो मेरे होंठों पर मुस्कान और आंखों में चमक ले आता है तुमने मेरे आसपास के लोगों को टटोला जानना चाहा कि कौन, कब, किस तरह मेरी छोटी सी ज़िन्दगी में घुसपैठ बनाए है कहां से छलकता है वो अमृत जिसके घूंट भर […]

by February 5, 2018 Hindi Poetry
प्रेम

प्रेम

पुरुष का दंभ उसके प्रेम पर हावी रहता है आकर्षण, निवेदन, स्वीकृति, मिलन सहज सोपान से दिखते हैं एक के बाद दूसरा अवश्यंभावी और पूर्ण होते ही विचलन.. स्त्री की कोमलता उसके प्रेम पर हावी रहती है लज्जा, संकुचन, स्वीकृति, मिलन पर्वतारोहण से दिखते हैं एक के बाद दूसरा कठिन […]

by February 3, 2018 Hindi Poetry
Kamala Das

Kamala Das

Kamala Das, one of the few Women Poets, who munched no words, when it came to men and their so called love.. her poems remain etched on mind and heart long after they are first read. First time reading her during my Master’s, I was taken aback.. here was a […]

by February 1, 2018 Articles, Events
बहीखाता

बहीखाता

तन की पीड़ा मन को उड़ने से रोक नहीं पाती.. धरातल पर विषम पड़ते कदम, गगनचुंबी इमारतों पर इठलाते ख्यालों से ताल मिलाएं भी तो कैसे… हल्की सी मुस्कान होंठों में दबाए, गलियारे में चली आती हूं.. सब परिचित हैं यहां, ज़्यादा नहीं पर दुआ सलाम का नाता तो होना […]

by January 29, 2018 Fiction, Kuch Panne
आवाज़

आवाज़

आधा जीवन बीत जाने के बाद अचानक एक कुलबुलाहट व्यक्ति, परिस्थिति, कारण स्पष्ट याद नहीं पर धीमे धीमे उभरती ये आवाज़ अंतर्मन की कोठरियों से टकरा जिह्वा के दंश से हो घायल होने और न होने के बीच मृत्यु के द्वार तक लकीर खींच सरपट भागती देह को जकड़ लेती […]

by January 28, 2018 Hindi Poetry
69th Republic Day Parade

69th Republic Day Parade

Watching brave Soldiers march, as their white gloves rise and fall perfectly in tandem with measured foot steps, is hypnotic. Smartly dressed soldiers, impressive retinue of tanks and missiles, well decorated horses and camels, foot tapping music .. here flutters my heart… I am proud to be an Indian and […]

by January 26, 2018 Articles