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शब्दताल

शब्दताल

गहरे उतरूं शब्दताल में स्वर व्यंजन से टकराऊं सामने डोले तेरी सूरतिया सुधबुध मैं खो जाऊं इक मूरत से लगन लगी छैनी सी कलम चलाऊं पर फिसले ये मन बावरा बारीकियों में उलझी जाऊं मुझे न गढ़नी कोई मुरतिया न लिपियों की शैली ही बुननी बस कण कण जोडूं बालू […]

by August 11, 2016 Hindi Poetry
हथकरघे पर बुनी

हथकरघे पर बुनी

हथकरघे पर बुनी कविताएँ ज़मीन का सौंधापन साथ लिए जन्मतीं हैं निपुण बुनकर अपनी उँगलियों पर थिरकते शब्दों को ताने-बाने में उलझाता नहीं न ही वर्तनी को लंगड़ी कर अर्थ का अनर्थ करवाता है उसे नहीं चाहिए क्षणिक उत्तेजना आत्मिक सुख का शंखनाद ही भाता है नहीं करना उसे ढोलक […]

by August 8, 2016 Hindi Poetry
Badlapur : Movie

Badlapur : Movie

कोई हल्की फुल्की कॉमेडी देखने का मन था.. सोचा मॉडर्न डे गुड लुकिंग गोविन्दा.. यानि कि वरुण धवन से बेहतर आप्शन भला क्या होगा.. थोड़ी सर्च की… और अंदाज़न बदलापुर पर नज़र पड़ी.. मूवी के कुछ गाने खासे लोकप्रिय हुए थे.. सो बैठ गई देखने.. पर पहले ही सीन ने […]

by August 6, 2016 Review
पलकों की छाँव में

पलकों की छाँव में

पलकों की छाँव से देखा जो उसको तो दिल हाय! हमने ये हारा !! भंवरा अनजाना था थोड़ा दीवाना था बागों में फिरता आवारा !! कलियों ने सींचा था बादल सा भीगा था परियों के दिल का शहज़ादा !! मस्त पतंग सा वो उड़ता गगन में ज्यों हो इक झिलमिल […]

by August 6, 2016 Hindi Poetry
मेरा नाम

मेरा नाम

उस रोज़ तुमने हौले से मेरा नाम बुदबुदाया था बिजली सी कौंधी थी दिल में तूफ़ान आया था सूखे पत्ते सी काँपी मैं शाख झूल सी गयी बादलोँ के घोड़े पे हो सवार बांका चाँद चला और मैं कमली सी उसके साथ हो ली संग नापे धरती आकाश स्वप्न लोक […]

by August 5, 2016 Hindi Poetry
ओ प्रहरी

ओ प्रहरी

श्यामल रात्रि के धवल चन्द्र की शीतलता निर्मल प्रभात के मुखर सूर्य की ऊष्णता गोधूलि के क्षीण तारकों की चंचलता ब्रह्म मुहूर्त के पंछी की कलरवता तुम्हारे हर रूप से आकर्षित धरा बाला किंचित लज्जाती किंचित मुस्काती अधरों पर नवगीत सजाये कहती शनै शनै उदित हो नभ मण्डल में ओ […]

by August 5, 2016 Hindi Poetry
दो लड़ाके

दो लड़ाके

ये वक़्त भी न.. अजब पहेली है.. जाने कैसे इसे हमारी बेक़रारी की खबर हो जाती है… जिस दिन आप जल्दी में हों ठीक उसी दिन ये थम सा जाता है… घड़ी की सुइयां चिपक सी जाती हैं.. अक्खड़ बन सेकंड की सुई मिनट्स से भी धीमे चलती है.. और […]

by August 4, 2016 Fiction
तेरी

तेरी

तेरी खनकती हंसी मेरे हाथों के कंगन तेरी मस्त आँखें मेरे दिल की धड़कन तेरा धीमा सा ख्याल मेरे पाँव की पायल तेरा तीखा सा सवाल मेरे नैनों का काजल तेरे गुस्से की धार पर मेरे प्यार का वार तेरे जीत की धुन मेरे जीने का आधार ! Anupama

by August 4, 2016 Hindi Poetry