Other News

Chokher Bali : Serial

Chokher Bali : Serial

चोखेर बाली : आंख की किरकिरी.. क्यों ऐसा नाम दे कोई अपनी सखी को.. पर ये कहानी शायद घूमती ही असम्भव को सम्भव करने की मानव मन की ज़िद्दी धुरी पर है… बहुत पहले पढ़ी थी, फिर अनमने भाव से ऐष्वर्या की फिल्म भी अधूरी देखी.. पर आज netflix पर […]

by September 23, 2016 Review
मज़दूरी

मज़दूरी

रात भर मज़दूरी कर सिखर दुपहरे सुस्त सा चाँद छज्जे से झूल रहा था अकडू सूरज को मस्ती सूझी अंटी से एक किरण उछाल दी जवानी के जोश में कूदती फांदती बिजली सी किरनिया बादल से जा टकराई दूधिया मेघा मौका पाकर ऊंघ रहा था रात भर पीपल से बतियाते […]

by September 18, 2016 Hindi Poetry
चंचल रात

चंचल रात

चंचल रात उनींदी अँखियों से काजल पोंछते धीमे धीमे विदा हो रही है …. आसमान के आगोश में दूज का चाँद उबासियां ले रहा है …. हवाओं संग अठखेलियां करते थके मांदे हरसिंगार …. नारंगी पांवों को हौले से ज़मीं पे टिका नींद के हिंडोले में ऊंघ रहे हैं … […]

by September 16, 2016 Fursat ke Pal
Short poems

Short poems

नमी आँखों में भली न लगे हंसी लबों से चहक के कहे गमों की फ़ेहरिस्त गर लंबी हो जाए तोड़ो मरोड़ो हवा में उड़ा दो जनाब 2.       उदासियों को इतना भी खबूसूरत मत बनाओ.. हंसी शरमा जाएगी 😍 3.       आसमां का नीला सागर में घुल मछलियों का मीत हो चला […]

by September 16, 2016 Nano fiction
बीज

बीज

सूखे बीज से हैं शब्द बिखरे, निखरे गमलों में चाहें बस भाव की खाद रूह का पानी और … और इक कलम दीवानी Anupama

by September 16, 2016 Hindi Poetry
भादों जाते जाते

भादों जाते जाते

नैनन छलकत नीर कपाल भयंकर पीर तुलसी अदरक का काढ़ा नींबू शहद का मारा कागज़ कलम से दूरी हाय ! कितनी मजबूरी ———-//////———- भादों जाते जाते 🙁  

by September 16, 2016 Hindi Poetry
खबर

खबर

कभी अख़बार मेरे दिनचर्या का ज़रूरी हिस्सा हुआ करता था.. गर्म चाय की चुस्कियों संग जितनी ज़रूरत मीठे रस्क की लगती, उतनी ही तेज़ तलब खबरों की भी हुआ करती… घड़ी के काँटों पर पैनी नज़र जमाए हुए, मैं बेतरतीबी से अखबार बिखेर, झटपट हेडलाइंस बांचती… दफ्तर पहुंचते ही कॉलीग्स […]

by September 15, 2016 Articles
Baar Baar Dekho : Movie Review

Baar Baar Dekho : Movie Review

बार-बार देखो, नाम के ठीक विपरीत, एक बार देखना ही काफी ज़्यादा हो गया.. बामुश्किल पूरी फिल्म हज़म की.. ट्रेलर देखकर कॉन्सेप्ट अलग सा लगा था.. और देखने के बाद पता चला कि बस कॉन्सेप्ट ही अलग था, execution के मामले में फिल्म औंधे मुंह जा गिरी… इस फिल्म का […]

by September 15, 2016 Review