Other News

निराला: संध्या सुंदरी

निराला: संध्या सुंदरी

हिंदी काव्य प्रेमियों के लिए सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, किसी परिचय के मोहताज नहीं…. छायावाद के स्तम्भ कवि, अपनी श्रेष्ठ प्रकृति कविताओं और अनूठी उपमाओं के लिए जाने जाते हैं.. उन्हें पढ़ना सुखद अनुभूति है… अनायास ही प्रेम हो जाता है उनके लयमय छंदों से.. हृदय वीणा सुमधुर बज उठती है […]

by October 23, 2017 Articles, Editors Desk, Hindi Poetry

सड़न

उत्सव, खुशी, जीवन, उमंग… सकारात्मक ऊर्जा बहती है इनमें… मन भावविभोर हो, डोलता है… तन में स्फूर्ति और सोंदर्य स्वयमेव प्रकट हो जाते हैं… जैसे कोई सोता फूट पड़ा हो… चट्टानों को भेेदता, ऊंचाइयों को रोंदता.. धरातल से मिलन को आतुर प्रेयस सा अधीर… आह! पल पल मधुर गान, सुमन […]

by October 2, 2017 Kuch Panne
हैप्पी हिंदी दिवस

हैप्पी हिंदी दिवस

कार्यालय में आदेश आया कि 14 सितम्बर को हिंदी में ही कार्य करें व अपने सहकर्मियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें… मेरी सहज हृदया पटु वक्ता चंचल चपल सखी ने झट प्रश्न दागा.. File को कैसे लिखूं सर… नाक पर चश्मा टिकाते, धीर गम्भीर अधिकारी तपाक से […]

by September 14, 2017 Events, Nano fiction
Rabindranath Tagore: A Soulful Painter

Rabindranath Tagore: A Soulful Painter

Rabindranath Tagore once said “The world speaks to me in colours, my soul answers in music.” However, these were just words for me until I saw his paintings in real. Yesterday, when I visited National Gallery of Modern Art in New Delhi and looked or rather ogled at Tagore’s drawings/doodles/paintings, […]

by September 10, 2017 Articles
तुम और मैं

तुम और मैं

भीगे भीगे पलों में सूखे सूखे लम्हों में तुम चले आते हो बारिश की बूंदों में धूप की किरचों में तुम ही गुनगुनाते हो बगीचे में, दरीचे में खिंचे खिंचे, भिंचे भिंचे तुम ही नज़र आते हो जाने कितने सावन बीते पतझड़ कितने फना हुए कितना चींख चींख रोए कितना […]

by September 3, 2017 Hindi Poetry
Raincoat the Movie

Raincoat the Movie

रेनकोट, रितुपर्णो घोष की वो कहानी, जहां एहसासों के बीच झीना सा पर्दा है… न न.. शायद पर्दा नहीं अंतराल.. बस कुछ पलों की देरी… कहने और सुनने में… और बातों का एक दूजे तक पहुंचने से पहले ही ज़िन्दगी की राहें बदल जाना.. दो ऐसे लोग, जो दर्द भी […]

by September 3, 2017 Review
Ek Doctor Ki Maut

Ek Doctor Ki Maut

कल एक मूवी देखी ‘एक डॉक्टर की मौत’… नाम जितना अजीब, फिल्म उतनी ही गहरी… पंकज कपूर, शबाना आज़मी मुख्य किरदार… इरफान खान और दीपा साही सहायक भूमिकाओं में… कहना होगा कि एक अलग ही तरह की पिक्चर है ये.. विषय भी एकदम हट कर… एक ऐसा डॉक्टर जो कुष्ठ […]

by August 28, 2017 Articles, Review
Poems by Anupama

Poems by Anupama

चांद नदारद है तारे भी हड़ताल पर उदास आसमां गहरी सांस ले पेड़ से झूलते चमगादड़ के कान में हौले से बुदबुदा रहा “मैं भी कभी ज़मीं हुआ करता था जाने कब कैसे उल्टा लटक गया” Anupama उसका वक़्त बहुत मामूली था बिन सोचे पलों को खर्च कर दिया उसका […]

by August 27, 2017 Hindi Poetry